अनुपम अद्भुत भारत देश, अखंड विश्व में है सर्वेश। बुद्ध, महावीर के उपदेश, देते हैं अन अनुपम अद्भुत भारत देश, अखंड विश्व में है सर्वेश। बुद्ध, महावीर के उपदेश, ...
मधुर वाणी झलकती है, संस्कार उपजे इसी धरती से, मधुर वाणी झलकती है, संस्कार उपजे इसी धरती से,
हे ! देवों के देव महादेव कालों के काल महाकाल।। हे ! देवों के देव महादेव कालों के काल महाकाल।।
धरा ये देवों की अति मनभावन । देवों की अटल महिमा सनातन । धरा ये देवों की अति मनभावन । देवों की अटल महिमा सनातन ।
कवि: मिखाईल लेरमेंतोव अनुवाद: आ.चारुमति रामदास कवि: मिखाईल लेरमेंतोव अनुवाद: आ.चारुमति रामदास
गहे तुम्हारी शरण जो, करते उसे निहाल। गहे तुम्हारी शरण जो, करते उसे निहाल।